MPPSC Topper: उज्जैन के भाई-बहन ने किया कमाल! साथ खेले, साथ की MPPSC की तैयारी, अब बन गए डिप्टी कलेक्टर

संदीप कुलश्रेष्ठ

08 Jun 2024 (अपडेटेड: Jun 8 2024 2:45 PM)

MPPSC -2021 का फाइनल रिजल्ट सामने आने के बाद से उज्जैन के भाई-बहन की जोड़ी चर्चाओं में है. भाई-बहन की इस जोड़ी ने मध्यप्रदेश लोक सेवा आयोग परीक्षा में न सिर्फ अच्छी रैंक हासिल की है, बल्कि ये दोनों डिप्टी कलेक्टर के पद पर चयनित हुए हैं.

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MPPSC Result Topper: मध्य प्रदेश लोकसेवा आयोग ने MPPSC -2021 का फाइनल रिजल्ट जारी कर दिया है. रिजल्ट सामने आने के बाद से उज्जैन के भाई-बहन की जोड़ी चर्चाओं में है. भाई-बहन की इस जोड़ी ने मध्यप्रदेश लोक सेवा आयोग परीक्षा में न सिर्फ अच्छी रैंक हासिल की है, बल्कि ये दोनों डिप्टी कलेक्टर के पद पर चयनित हुए हैं और एक मिसाल पेश की है. 

मध्य प्रदेश लोकसेवा आयोग-2021 की परीक्षा में अर्जुन सिंह ठाकुर की 21वीं और राजनंदनी सिंह ठाकुर की 14वीं रैंक आई है. ये दोनों भाई-बहन इंजीनियरिंग कॉलेज में पदस्थ प्रोफेसर डॉ. वायएस ठाकुर के बच्चे हैं. दोनों ने उज्जैन के क्रिस्ट ज्योति स्कूल में प्रारंभिक पढ़ाई की और 12वीं करने के बाद भोपाल से इंजीनियरिंग की. दोनों भाई-बहन ने साथ में एमपीपीएससी की तैयारी की और एक साथ सफलता भी हासिल की. 

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राजनंदनी ने नौकरी के साथ कैसे की MPPSC की तैयारी

राजनंदनी का साल 2020 में नायब तहसीलदार के पद पर चयन हो गया था, वर्तमान में वे सीहोर में पदस्थ हैं. बास्केटबॉल की स्टेट प्लेयर रह चुकी राजनंदनी ने बताया कि नौकरी में रहते हुए उन्होंने पढ़ाई के लिए समय निकाला. उनका मामना है कि अगर कुछ बनना है, तो समय न या न हो, पढ़ाई में खुद को झोंकना ही होगा, तभी लक्ष्य हासिल हो पाएगा. नौकरी में रहने के बावजूद उन्होंने आगे की तैयारी के लिए समय निकाला और आज डिप्टी कलेक्टर के पद पर चयनित हुईं.

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अर्जन ने 8-10 घंटे तक पढ़ाई कर पाई सफलता

अर्जुन की भी टीसीएस में नौकरी लग गई थी, लेकिन उन्होंने ज्वॉइन न करते हुए लगातार मेहनत की और आज डिप्टी कलेक्टर के पद पर चयनित हुए. अर्जुन सिंह बताते हैं कि रोजाना आठ से दस घंटे पढ़ाई की. वहीं सोशल मीडिया में सिर्फ खबरें और कंटेंट देखने के लिए उन्होंने मोबाइल का उपयोग किया. 2018 से लगातार वे अपना बेस्ट देने के लिए मेहनत करते रहे, जिसका परिणाम आज उन्हें मिल ही गया. 

दोनों भाई-बहन ने साथ में एमपीपीएससी की तैयारी की और सफलता भी हासिल की. बहरहाल, ये सफलता उन बच्चों के लिए भी बड़ी सीख है, जो छोटी सी नाकामी पर हतोत्साहित हो जाते हैं. डिप्टी कलेक्टर के पद पर चयनित होने के बाद ठाकुर परिवार में खुशी का माहौल है.

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